Tuesday, 12 November, 2019

SANSKRIT PRACTICE PAPER FOR CTET-UPTET-SUPER TET-HTET

SANSKRIT SAHIYA QUESTIONS FOR UGC NETCTETUPTETSTET

SANSKRIT PRACTICE PAPER FOR CTET-UPTET-SUPER TET-HTET

 



1. शुद्ध रूप है: 

(अ) अनुग्रहितम् 

(ब) अनुग्रहतम्

(स) अनुगृहीतम् 

(द) अनुग्रहण

2. कः + गच्छति = होता है : 

(अ) को गच्छति 

(ब) कः गच्छति

(स) का गच्छति 

(द) कर्गच्छति

3. पालिभाषा थी : 

(अ) विद्वानों की 

(ब) शिक्षितों की

(स) जनसामान्य की 

(द) अशिक्षितों की

3. सप्त च ते ऋषयः में समास है : 

(अ) द्विगु 

(ब) कर्मधारय

(स) तत्पुरुष 

(द) बहुव्रीहि

4. भक्षयति का अर्थ है : 

(अ) पठति 

(ब) खादति

(स) भ्रस्टति 

(द) धावति

5. नीलोत्पलम् में नपुंसकत्व किस सूत्र से है? 

(अ) अव्ययीभाव 

(ब) येनाविकार

(स) स नपुंसकम् 

(द) नमः स्वस्ति

6. वाण्टू परिवार में प्रायः शाखा हैं : 

(अ) 180 

(ब) 155

(स) 270 

(द) 300

7. भवनम् में प्रत्यय होता है : 

(अ) ल्युट्

(ब) क्तिन्

(स) शतृ 

(द) ल्यप्

8. क्तिन् प्रत्यय का उदाहरण है : 

(अ) कृतिः 

(ब) कर्त्तव्यम्

(स) कुर्वाणः 

(द) करणम्

9. द्विगु समास का उदाहरण है : 

(अ) दशानन 

(ब) दशपात्रम्

(स) अनुरथम् 

(द) महापुरुष

 



 

10. त्रिभुवनम् में समास का उदाहरण है : 

(अ) बहुव्रीहि 

(ब) कर्मधारय

(स) द्विगु 

(द) द्वन्द्व

11. अव्ययीभाव समास का उदाहरण है : 

(अ) पीताम्बर 

(ब) नीलकमल

(स) यथाशक्ति 

(द) त्रिलोकी

12. नमस्ते में सन्धि है : 

(अ) व्यंजन सन्धि 

(ब) अच् सन्धि

(स) विसर्ग सन्धि 

(द) विसर्गलोप सन्धि

14. भी धातु प्रयोगे भय हे तौ में विभक्ति है: 

(अ) पंचमी 

(ब) तृतीया

(स) चतुर्थी 

(द) सप्तमी

15. विलपन्ती का विलोम है : 

(अ) हसन्ती 

(ब) पठन्ती

(स) भवन्ती 

(द) कोई नहीं

16. सः जटायुः खगाधियः आसीत् में विशेषण पद है : 

(अ) सः 

(ब) खगाधियः

(स) जटायुः 

(द) आसीत्

17. आयतलोचना सा सीता वनस्पतिगतं गृध्रम् अपश्यत् में विशेष्य है : 

(अ) सा 

(ब) सीता

(स) गृध्रम् 

(द) अपश्यत्

18. द्वौ पुत्रों में वचन है

 (अ) एकवचन 

(ब) द्विवचन

(स) बहुवचन 

(द) इनमें से कोई नहीं

19 शुद्ध वाक्य है : 

(अ) खगः आकाशे शनैःशनैः उत्पतति

(ब) खगाः आकाशे शनैःशनैः उत्पतति

(स) खगः आकाशात् शनैःशनैः उत्पतति 

(द) खगः आकाशात् शनैःशनैः उत्पतन्ति

20. शुद्ध वाक्य है : 

(अ) रामाः वने अनेकान् राक्षसान् अभिजधान

(ब) रामेण वने अनेकान् राक्षसान् अभिजधान

(स) रामः वने अनेकान् राक्षसान् अभिजधान 

(द) रामात् वने अनेकान् राक्षसान् अभिजधान

 




21. अधिकारिणी में प्रत्यय है : 

(अ) इण् 

(ब) अण्

(स) ङीप् 

(द) शतृ

22. मूषक + टाप् = होता है : 

(अ) मूषिका 

(ब) मूषक

(स) मूषकी 

(द) मूषको

23. श्रीमती में प्रत्यय है : 

(अ) ङीष् 

(ब) ङीप्

(स) टाप् 

(द) शतृ

24. ट वर्ग का वर्ण नहीं है : 

(अ) ठ 

(ब) ड

(स) त 

(द) ट

25. जलबिन्दुनिपातेन में विभक्ति है : 

(अ) तृतीया 

(ब) चतुर्थी

(स) पंचमी 

(द) षष्ठी

26. लोकाचारः में सन्धि है : 

(अ) दीर्घ 

(ब) गुण

(स) श्चुत्व 

(द) अयादि शिमलव

27. मधु + अरि = मध्वरि में यण् सन्धि किस सूत्र से है : 

(अ) अकः सवर्णे दीर्घः

(ब) इकोयणचि . 

(स) एचोऽयवायावः न

(द) आद्गुणः

28. भ्वादिः में सन्धि है : 

(अ) यण् 

(ब) दीर्घ

(स) वृद्धि 

(द) गुण

29. अभि + उदय = होता है : 

(अ) अभिदय 

(ब) अभ्यदय

(स) अभ्युदय 

(द) अभुिदय

30. एकैकं पुस्तकमादाय तत्रागच्छ में सन्धि पद है : 

(अ) एकैकं 

(ब) पुस्तक

(स) आदाय 

(द) आगच्छ 

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