Sunday, 19 January, 2020

GENERAL STUDY QUESTIONS-INDIAN HISTORY-प्रमुख लड़ाइयां/युद्ध

GENERAL STUDY QUESTIONS-INDIAN HISTORY-प्रमुख लड़ाइयां/युद्ध

 



  • तराईं का प्रथम युद्ध (1191) : इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गौरी को पराजित किया।
  • तराईं का द्वितीय युद्ध (1192 ) : इस युद्ध में मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को पराजित किया।
  • चन्दावर का युद्ध (1194) : इस युद्ध में मुहम्मद गौरी ने जयचंद को पराजित किया!
  • पानीपत का प्रथम युद्ध ( 1526) : इस युद्ध में बाबर ने इब्राहीम लोदी को पराजित किया।
  • खान्वाह का युद्ध ( 1527) : इस युद्ध में बाबर ने मेवाड़ के राणा सांगा को पराजित किया।
  • चंदेरी का युद्ध ( 1528) : इस युद्ध में बाबर ने राणा सांगा के सशक्त सामंत मेदनीराय को पराजित किया।
  • घाघरा का युद्ध (1529) : इस युद्ध में बाबर ने अफगानों को पराजित किया।
  • चौसा का युद्ध ( 1539) : इस युद्ध में शेरशाह ने हुमायूं को पराजित किया।
  • कन्नौज (बिलग्राम) का युद्ध ( 1540) : इस युद्ध में शेरशाह ने हुमायूं को हराकर दिल्ली पर कब्जा कर लिया।
  • पानीपत का द्वितीय युद्ध (1556) : इस युद्ध में सम्राट अकबर ने अफगान सरकार हेमू को पराजित किया।
  • हल्दीघाटी का युद्ध (1576) : इस युद्ध में अकबर ने महाराणा प्रताप को पराजित किया।
  • असीरगढ़ का युद्ध (1601) : अकबर द्वारा लड़ा गया यह अन्तिम युद्ध था।
  • प्लासी का युद्ध (1757) : इस युद्ध में लॉर्ड क्लाइव ने सिराजुद्दौला को पराजित किया।
  • वांडीवास का युद्ध ( 1760) : दक्षिण भारत में हुए इस युद्ध में अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों को पराजित कर दिया।
  • पानीपत का तृतीय युद्ध (1761): इस युद्ध में अहमदशाह अब्दाली ने मराठों को पराजित किया।
  • बक्सर का युद्ध (1764 ) : इस युद्ध में अंग्रेजों ने मीरकासिम, शुजाउद्दौला एवं अहमदशाह की संयुक्त सेनाओं को पराजित किया।
  • प्रथम मैसूर युद्ध (1767-69) : यह युद्ध हैदरअली, हैदराबाद के निजाम तथा अंग्रेजों के मध्य हुआ। युद्ध से निजाम अलग हो गया। यह युद्ध निर्णायक नहीं हुआ।
  • द्वितीय मैसूर युद्ध (1780-84) : यह युद्ध चार वर्ष तक चला। इस युद्ध में हैदरअली की मृत्यु हो गई।
  • तृतीय मैसूर युद्ध (1790-92) : इस युद्ध में अंग्रेजों ने टीपू सूल्तान को पराजित किया।
  • चतुर्थ मैसूर युद्ध (1799) : इस युद्ध में लड़ते-लड़ते टीपू सुल्तान वीरगति को प्राप्त हुआ। 

भारत आने वाले कुछ प्रमुख विदेशी यात्री



 

  • अलबरुनी-महान महान तुर्की-विद्वान अलबरूनी भारत में सबसे पहले आने वाले पर्यटकों में से एक था, जिसका प्रसिद्ध ग्रन्थ किताब-उल-हिन्द के नाम से प्रसिद्ध है।
  • इब्नबतूता-इसका वास्तविक नाम अबू अब्दुल्ला था। यह 1333 ई. में भारत आया था।
  • अब्दुर्रज्जाक-रज्जाक एक ईरानी राजदूत था और विजयनगर सम्राट के दरबार में आया था। वहां वह 1442 ई. से 1443 ई. तक रहा।
  • मार्कोपोलो कोण्टी-कोण्टी इटली का पर्यटक था। वह 1520 ई. में भारत आया था।
  • डोमिंगोज पेइज-पेइज पुर्तगाली यात्री था। 

मध्यकालीन भारत 

भारत पर अरबो का आक्रमण 

  • मुहम्मद बिन कासिम के नेतृत्व में अरबों ने भारत पर पहला सफल आक्रमण किया। 
  • अरबों ने सिन्ध पर 712 ई. में विजय पायी थी। 
  • भारत पर अरबवासियों के आक्रमण का मुख्य उद्देश्य धन-दौलत लूटना तथा इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार करना था। 

महमूद गज़वी 




 

  • अलप्तगीन नामक एक तुर्क सरदार गजनी साम्राज्य का संस्थापक था। 
  • अपने पिता के काल में गज़नी खुरासान का शासक था।
  • महमूद गज़वी 27 वर्ष की अवस्था में 997 ई. में गद्दी पर बैठा। 
  • महमूद गज़नी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया। 
  • महमूद गज़नी का 1008 ई. में नगरकोट के विरूद्ध हमले को मूर्तिवाद के विरुद्ध पहली महत्त्वपूर्ण जीत बतायी जाती 
  • महमूद गज़नी का सबसे चर्चित आक्रमण 1024 ई. में सोमनाथ मंदिर (सौराष्ट्र) पर हुआ। इस मंदिर की लूट में उसे करीब 20 लाख दीनार की संपत्ति हाथ लगी। सोमनाथ की रक्षा में सहायता करने के कारण अन्हिलवाड़ा के शासक पर महमूद ने आक्रमण किया। 
  • सोमनाथ मंदिर लूट कर ले जाने के क्रम में महमूद पर जाटों ने आक्रमण किया था और कुछ सम्पत्ति लूट ली थी। 
  • महमूद गज़नी का अन्तिम भारतीय आक्रमण 1027 ई. में जाटों के विरुद्ध था। 
  • महमूद गज़नी की मृत्यु 1030 ई. में हो गयी। 
  • अलबरूनी, फिरदौसी, उत्बी तथा फरूखी महमूद गज़नी के दरबार में रहते थे। 
  • दिल्ली का कुवत-उल-इस्लाम मस्जिद एवं अजमेर का ढाई दिन का झोपड़ा नामक मस्जिद का निर्माण ऐबक ने करवाया था। 
  • प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने वाला ऐबक का सहायक सेनानायक बख्तियार खिलजी था। 

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POLITICAL SCIENCE/CIVICS NOTES FOR SSC/BANK-संसदीय शब्दावलियां

 

 



 

 

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