Tuesday, 12 November, 2019

समावेशी शिक्षा-INCLUSIVE EDUCATION-CTET-CHILD DEVELOPMENT

समावेशी शिक्षा-INCLUSIVE EDUCATION-CTET-CHILD DEVELOPMENT

समावेशी शिक्षा-INCLUSIVE EDUCATION-CTET-CHILD DEVELOPMENT

 

मदान एकेडमी

 



 

1.प्रतिभाशाली बालक 

(a) तीव्र और आसानी से सीखते हैं

(b) जो सुनते या पढ़ते हैं बिना रटे कण्ठस्थ कर लेते हैं

(c) वस्तु चिन्तन करते हैं 

(d) कम समय में ही अभिप्रेरण का अनुसरण करते हैं

Ans: (a) प्रतिभाशाली बच्चे तीव्र बुद्धि वाले होते है इनकी बुद्धि | लब्धि 130 से अधिक होती है वे किसी विषय-वस्तु को आसानी से त्वरित गति से सीखते हैं।

 

2. सृजनशील बालक के बारे में कौन-सा कथन सत्य नहीं है? 

(a) सृजनशील बालक जिज्ञासु होता है

 (b) सृजनशील बालक साहसी नहीं होता है

(c) सृजनशील बालक बहिर्मुखी होता है। 

(d) सृजनशील बालक महत्त्वाकांक्षी होता है

Ans: (b) सृजनशील बालकों के गुण निम्न है 

→ यह जिज्ञासु होते है

→ साहसी होते है

→ बहिर्मुखी होते है

→ महत्वाकांक्षी होते है

→ नवाचारी होते है

→ समायोजन करने की क्षमता होती है ।

 

3.निम्नलिखित में से कौन-सा तरीका अध्यापिका के द्वारा एक सृजनात्मक बच्चे की पहचान करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगा?

(a) यह अवलोकन करना कि बच्चे समूह कार्यों में साथियों के साथ किस प्रकार से प्रतिक्रिया करते हैं।

(b) बच्चे का विस्तृत रूप से अवलोकन करना, विशेष रूप से उस समय जब वह समस्याओं को हल करती है

(c) मानकीकृत बुद्धि परीक्षणों को देना । 

(d) वस्तुनिष्ठ प्रकार के परीक्षणों को देना

Ans : (b) अध्यापिका यदि किसी सृजनात्मक बच्चे की पहचान करना चाहती है तो वह बच्चे का उस समय विस्तृत अवलोकन करे जब समस्याओं को हल कर रही हो। ऐसी परिस्थिति में उसके तार्किकता, सृजनात्मकता तथा बौद्धिक क्षमता का पता चलता है।

 

4. बच्चे तब सर्वाधिक सृजनशील होते हैं, जब वे किसी गतिविधि में भाग लेते हैं।

(a) शिक्षक की डाँट से बचने के लिये

(b) दूसरों के सामने अच्छा करने के दबाव में आकर . 

(c) अपनी रुचि से 

(d) पुरस्कार के लिए

Ans : (c) सृजनशीलता का तात्पर्य है नवीन विचार वस्तु अर्थात् किसी नवीन विचार को जन्म देना या किसी नवीन वस्तु का आविष्कार करना सृजनशीलता कहलाती है। बच्चों में सृजनशीलता  किसी प्रकार के दबाव या दण्ड स्वरूप या वाह्य प्रेरणा से नहीं पैदा की जा सकती है। सृजनशीलता मुख्यतः व्यक्तित रूचि से उत्पन्न होती है। अतः बच्चे तब सर्वाधिक सजनशील होंगे जब वे अपनी | रूचि से किसी गतिविधि में भाग लेते है।

 

5. आप देखते हैं कि एक छात्र बुद्धिमान है। आप 

(a) उसके साथ सन्तुष्ट रहेंगे।

 (b) उसे अतिरिक्त गृहकार्य नहीं देंगे 

(c) वह जैसे अधिक प्रगति कर सके उस तरह से उसे अनुप्रेरित करेंगे

(d) उसके अभिभावकों को सूचित करेंगे कि वह बुद्धिमान है

Ans : (c) बुद्धिमान छात्र को उसके अधिगम को सही दिशा देने | के लिए शिक्षक द्वारा उसे समय-समय पर निर्देशन देना चाहिए क्योंकि तीव्र बुद्धि वाले छात्रों को सामान्य छात्रों के साथ शिक्षण कार्य करना उचित नहीं माना जाता है।

 

6. 140 से अधिक बुद्धिलब्धि (IQ) वाले बच्चों को किस श्रेणी में रखेंगे?

(a) मूर्ख 

(b) मन्दबुद्धि

(c) सामान्य बुद्धि

(d) प्रतिभाशाली

 Ans : (d) टरमैन ने 1916 में एक बुद्धिलब्धि की सारणी प्रस्तुत की

बुद्धिलब्धिः (I.Q.) वाले बच्चों को प्रतिभाशाली श्रेणी में रखा गया। टरमैन की श्रेणी निम्नलिखित थी 

1916 में टरमैन ने जो बुद्धि लब्धि की सारणी प्रस्तुत की, वह इस प्रकार है 

बुद्धिलब्धि बालक

 130 से अधिक प्रतिभाशाली

121-130 प्रखर बुद्धि

111-120 तीव्र बुद्धि

91-110 सामान्य बुद्धि

81-90 मन्द बुद्धि

71-80 अल्प बुद्धि

71 से कम जड़ बुद्धि 

 

 

7. सृजनात्मक शिक्षार्थी वह है जो – 

(a) परीक्षा में हर बार अच्छे अंक प्राप्त करने के योग्य हैं ।

(b) पार्श्व (लेट्रत) चिंतन और समस्या समाधान में अच्छा है

(c) ड्राइंग और पेंटिंग में बहुत विलक्षण है  

(d) बहुत बुद्धिमान है.

Ans: (b) सृजनात्मक शिक्षार्थी वह है जो पार्श्व चिंतन और  समस्या समाधान में अच्छा हो।

 

8. एक शिक्षिका अपनी कक्षा को प्रतिभाशाली बच्चों की योग्यताओं (potential) की उपलब्धि चाहती है। अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उसे निम्नलिखित में से क्या -/नहीं करना चाहिए? 

(a) विशेष ध्यान के लिए उन्हें समकक्षियों से अलग करना

(b) उनकी सृजनात्मकता को समृद्ध करने के लिए उन्हें चुनौती देना

(c) गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में आनंद लेना सिखाना 

(d) तनाव को नियंत्रित करना सिखाना

Ans: (a) प्रतिभाशाली बच्चों को योग्यता की उपलब्धि के लिए यह जरूरी नहीं है कि उनको कक्ष से अलग बैठाकर उनके समकक्षियों को दूसरे कक्ष में बैठाया जाये।

 

9. —- ‘प्रतिभाशाली’ होने का संकेत नहीं है। 

(a) दूसरों के साथ झगड़ना

 (b) अभिव्यक्ति में नवीनता 

(c) जिज्ञासा

 (d) सृजनात्मक विचार

Ans: (a) प्रतिभाशाली बालक अपने समवयस्कों के साथ सोहार्दपूर्ण व्यवहार करता है, उनका सहयोग करता है और उनके साथ सामंजस्य स्थापित करता है न कि दूसरों के साथ झगड़ा करता है।

 

10. प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधि सर्वाधिक उपयुक्त है?

(a). अभी हाल ही में हुए मैच का प्रतिवेदन लिखना

(b) दी गई संकल्पनाओं के आधार पर मौलिक नाटक लिखना

(c) पाँच पाठों के अंत में दिए गए अभ्यासों को एक बार में हल करना

(d) शिक्षक दिवस पर कक्षा को पढ़ाना

Ans: (b) प्रतिभाशाली छात्र में दी गई संकल्पनाओं के आधार पर मौलिक नाटक लिखना गतिविधि सर्वाधिक उपयुक्त है। क्योंकि उनमें मौलिक चिंतन सृजनात्मकता आदि गुणों का संयोजन होता है।

 

11. —— के कारण प्रतिभाशालिता होती है। 

(a) मनो-सामाजिक कारकों

(b) आनुवंशिक रचना

(c) वातावरणीय अभिप्रेरणा

(d) (b) और (c) का संयोजन

Ans: (d) किसी भी शिक्षार्थी का प्रतिभाशाली होना सामान्यतः उसके आनुवंशिक रचना तथा वातावरणीय रचना पर निर्भर करता है। 



 

12. प्रतिभाशाली शिक्षार्थी (को) 

 (a) अधिगम-निर्योग्य नहीं हो सकते। 

(b) ऐसे सहयोग की आवश्यकता होती है जो सामान्यतः विद्यालयों द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जाते।

(c) शिक्षक के बिना अपने अध्ययन को व्यवस्थित कर लेते हैं। 

(d) अन्य शिक्षार्थियों के लिए अच्छे मॉडल बन सकते हैं।

Ans: (b) प्रतिभाशाली शिक्षार्थी को ऐसे सहयोग की सामान्यतः | आवश्यकता होती है जो कि एक विद्यालय से नहीं दिये जाते जैसे कि उस शिक्षार्थी को विषयों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्र में रुचि है जैसे-संगीत, खेल, हस्तकला आदि तो ऐसे शिक्षार्थियों को विद्यालय के अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता होती है।

 

 13. रेनजुली प्रतिभाशाली की अपनी …….. परिभाषा के लिए जाने जाते हैं।

(a) चार-पंक्तियः (टीयर).

 (b) चार-स्तरीय

(c) त्रि-वृत्तीय 

(d) त्रि-मुखी

 

Ans: (c) रेनजुली प्रतिभाशाली की अपनी त्रि-वृतीय परिभाषा के  लिए जाने जाते है।

 

14. प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों को ……… से जुड़े प्रश्नों पर अधिक समय देने के लिए कहा जा सकता है।

(a) समझ

 (b) सृजन  

(c) विश्लेषण 

(d) स्मरण

 

Ans: (b) प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों में सृजन की प्रवृत्ति होती है।। छात्र जितने अधिक सृजन संबंधी प्रश्न बनाएगे उतनी ही उनकी समझ होगी। अतः प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों को सृजन से जुड़े प्रश्नों पर अधिक समय देने के लिए कहा जा सकता है।

 

15. निम्नलिखित में से कौन-सा तरीका अध्यापिका के द्वारा एक सृजनात्मक बच्चे की पहचान करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगा?

(a) यह अवलोकन करना कि बच्ची समूह कार्यों में साथियों के साथ किस प्रकार से प्रतिक्रिया करती है

(b) मानकीकृत बुद्धि परीक्षणों को देना

(c) वस्तुनिष्ठ प्रकार के परीक्षणों को देना

(d) बच्चे को विस्तृत रूप से अवलोकन करना, विशेष रूप से उस समय जब वह समस्याओं को हल करती है

Ans: (d) यदि कोई शिक्षक किसी सृजनात्मक बच्चे की पहचान करना चाहती है तो उस बच्चे को विस्तृत रूप से अवलोकन करे विशेष रूप से तब जब वह समस्याओं को हल करती हैं।

 

16. निम्नलिखित में से किस समूह के बच्चों को समायोजन की समस्या होती है?

(a) औसत बुद्धि के बच्चे

(b) ग्रामीण बच्चे

(c) अध्ययनशील बच्चे

(d). कुशाग्र बुद्धि के बच्चे . 

Ans : (d) कुशाग्र बुद्धि के बच्चों को समायोजन की समस्या रहती है। ऐसे बच्चों के लिए शिक्षा का सफल कार्यक्रम वही हो भकता है जिसका उद्देश्य उनकी विभिन्न योग्यताओं का विकास करना हो। अतः यही कारण है कि विद्यालयों में सामान्यतः देखा जाता है कि कुशाग्र बुद्धि वाले बच्चे सामान्यतः उन्हीं बच्चों के साथ समायोजित होना पसन्द करते है जो बुद्धि स्तर पर उनके बराबर हो, न कि उनके साथ जो विद्यालय में सामान्य स्तर के होते हैं। अतः इसीलिए समायोजन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

 

17. इनमें से कौन-सी विशेषता प्रतिभाशाली बच्चों की नहीं है?

(a) उच्च आत्म क्षमता

(b) निम्न औसतीय मानसिक प्रक्रियाएँ

(c) अन्तर्दृष्टिपूर्वक समस्याओं का समाधान करना 

(d) उच्चतर श्रेणी की मानसिक प्रक्रियाएँ

Ans : (b) स्किनर एवं हैरीमैन के अनुसार प्रतिभाशाली बालक में| निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं

(1) मानसिक प्रक्रिया की तीव्रता

(2) अमूर्त विषयों में रुचि

(3) आश्चर्यजनक अंतर्दृष्टि का प्रमाण

(4) सामान्य अध्ययन में रुचि अध्ययन में अद्वितीय सफलता

(6) विशाल शब्दकोश

(7) दैनिक कार्य में विभिन्नता आदि। 

अतः निम्न औसतीय मानसिक प्रक्रियाएँ प्रतिभाशी बालक की विशेषता नहीं है।

 




 

18. “प्रतिभाशाली बालक वह है, जो अपने उत्पादन की मात्रा, दर तथा गुणवत्ता में विशिष्ट होता है।” यह कथन दिया गया है

(a) टर्मन एवं ओडन द्वारा

(b) कैरल एवं मार्टिन्स द्वारा 

(c) आर डब्ल्यू टेलर द्वारा

(d) इनमें से कोई नहीं ।

Ans : (c) आर.डब्ल्यू, टेलर ने प्रतिभाशाली बालकों को परिभाषित करते हुए कहा है- “प्रतिभाशाली बालक वह है, जो अपने उत्पादन की मात्रा, दर तथा गुणवत्ता में विशिष्ट होता है।

 

19. प्रतिभाशाली बालकों में निम्न विशेषता होती है? 

(a) अधिक महत्त्वाकांक्षा

(6) बुद्धिलब्धि 130 से अधिक 

(c) विस्तृत शब्दकोष

(d) उपरोक्त सभी

 

Ans : (d) प्रतिभाशाली बालकों की निम्न विशेषताएँ होती हैं

  1.  विशाल शब्दकोश
  2.  मानसिक प्रक्रिया की तीव्रत
  3. अधिक महत्त्वाकांक्षी होते हैं।
  4.  बुद्धि-लब्धि 130 से अधिक होती है। 
  5. सामान्य ज्ञान की श्रेष्ठता। 
  6. अध्ययन में अद्वितीय सफलता।
  7. आश्चर्य जनक अंतर्दृष्टि का प्रमाण। 
  8. पाठ्य-विषयों में अत्यधिक रुचि या अरुचि।
  9. अमूर्त विषयों में रुचि। 

 

 

20. प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों के लिए 

(a) अभिक्षमता को कौशल के रूप में समझना सही है 

(b) प्रगति के निरीक्षण करने की आवश्यकता नहीं है .

(c) शिक्षक को अनुकूलन करना चाहिए जिससे शिक्षार्थी में बदलाव आता है.

(d) शिक्षक को पहल करनी चाहिए और समस्या समाधान  में मुख्य भूमिका निभानी चाहिए ।

Ans : (c) प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों के लिए शिक्षक को अनुकूलन करना चाहिए जिससे शिक्षार्थी में बदलाव आता. है तथा उन्हें विशिष्ट क्रियाओं को करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि उनकी क्षमता को उचित निर्देशन मिलता रहा है।

 

21. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रदत्तकार्य प्रतिभाशाली विद्यार्थी के लिए उपयुक्त है?

 (a) विभिन्न विषयों (themes) को ध्यान में रखते हुए विज्ञान की एक नई आदर्शात्मक पुस्तक का निर्माण करना। 

(b) सम्पूर्ण कक्षा की अपेक्षा उसे अपनी पाठ्य-पुस्तक को शीर्घ समाप्त करने देना।

 (c) अन्य विद्यार्थियों की तुलना में समान प्रकार के परन्तु अपेक्षाकृत अधिक अभ्यास 

 (d) उसे अपने समवयस्की साथियों को अनुशिक्षण देने के लिए कहना ताकि उसकी शक्तियों को दिशा मिल सके तथा वह व्यस्त रह सके।

Ans : (a) प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी योग्यता एवं क्षमता के अनुसार अपना विकास करने के लिए पर्याप्त अवसर व सुविधाएँ मिलनी चाहिए। उन्हें सामान्य विद्यार्थियों के साथ शिक्षा देने के अलावा ऐसे दर्तकार्य देने चाहिए जिससे उनकी योग्यता व क्षमता का समुचित उपयोग किया जा सके। अतः विभिनन विषयों को ध्यान  में रखते हुए विज्ञान की एक नई आदर्शात्मक पुस्तक का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

 

22. निम्नलिखित में से प्रतिभाशाली अधिगमकर्ताओं के लिए क्या समुचित है?

(a) वे अन्यों को भी कुशल-प्रभावी बनाते हैं तथा सहयोगी अधिगम के लिए आवश्यक है 

(b) वे सदैव अन्यों का नेतृत्व करते हैं और कक्षा में . अतिरिक्त उत्तरदायित्व ग्रहण करते हैं 

(c) अपनी उच्चस्तरीय संवेदनात्मकता के कारण वे भी निम्न श्रेणी पा सकते हैं।

(d) बुनियादी तौर पर उनकी मस्तिष्कीय शक्ति के कारण ही उनका महत्त्व है 

 Ans : (c) प्रतिभाशाली. अधिगमकर्ता अपनी उच्च स्तरीय संवेदनात्मकता के कारण भी निम्न श्रेणी पा सकते हैं क्योंकि बहबुद्धि सिद्धांत के अनुसार यह आवश्यक नहीं है कि जो व्यक्ति एक क्षेत्र में सफल है वह दूसरे क्षेत्र में भी सफल हो। साथ ही उच्च स्तरीय  संवेदनात्मकता अधिगम को धनात्मक या ऋणात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। 

 

23. प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को तबविकसित कर पाएंगे जब

(a) बार-बार उनकी परीक्षा होगी

(b) वे अन्य विद्यार्थियों के साथ अधिगम-प्रक्रिया से जुड़ते हैं

(c) उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग किया जाएगा । 

(d) वे निजी कोचिंग कक्षाओं में पढ़ेंगे

Ans : (b) प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को तब विकसित कर पायेंगे जब वे अन्य विद्यार्थियों के साथ अधिगम प्रक्रिया से जुड़ेंगे क्योंकि प्रतिभाशाली बालक का भी सामाजिक, नैतिक, बौद्धिक आदि विकास सामाजिक वातावरण के बिना सम्भव नहीं हो सकता। 

 

24. निम्न में से कौन-सा बुद्धिमान बच्चे का लक्षण नहीं है?

(a) वह जो लम्बे निबन्धों को बहुत जल्दी रटने की क्षमता रखता है

 (b) वह जो प्रभावपूर्ण एवं उचित तरीके से सम्प्रेषण करने की क्षमता रखता है ।

(c) वह जो अमूर्त रूप से सोचता रहता है 

(d) वह जो परिवेश में स्वयं को समायोजित कर सकता है.

Ans : (a) एक बुद्धिमान या प्रतिभाशाली बालक के निम्न गुण होते हैं 

(1) वह प्रभावपूर्ण एवं उचित तरीके से सम्प्रेषण करने की क्षमता रखता है।

(2) वह अमूर्त रूप से सोचता है

 (3) वह परिवेश में स्वयं को समायोजित कर सकता है।

(4) . वह आश्चर्यजनक अंतर्दृष्टि रखता है।

(5) वह बुद्धि परीक्षाओं में उच्च बुद्धि लब्धि प्राप्त करता है। 

अतः बहुत लम्बे निबन्धों को रटने की योग्यता प्रतिभाशाली या बुद्धिमान बालक के लक्षण नहीं हैं।

 

25. प्रतिभाशाली बच्चों के संदर्भ में संवर्द्धन का अर्थ है 

(a) आकलन की प्रक्रिया का संवर्द्धन करना

(b) शैक्षणिक गतिविधियों के संपादन में संवर्द्धन करना

(c) सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संपादन की गति को बढ़ाना (

d) ऐसे विद्यार्थियों को वर्तमान स्तर/ग्रेड को छोड़कर अपने उच्च स्तर/ग्रेड में प्रोन्नत करना

Ans : (d) प्रतिभाशाली बच्चों के संदर्भ में संवर्द्धन का अर्थ है| उनके वर्तमान स्तर/ग्रेड को छोड़कर उच्च स्तर/ग्रेड में प्रोन्नत करना। प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में हैविगहर्ट ने कहा- “कक्षा उन्नत, विशेष पाठ्यक्रम, व्यक्तिगत ध्यान, संस्कृति शिक्षा, सामान्य छात्रों के साथ शिक्षा, विशेष अध्ययन आदि के द्वारा ऐसे बालकों का संवर्द्धन किया जा सकता है। 

 

 26. . प्रतिभाशाली बच्चे 

(a) मानव के लिए महत्त्वपूर्ण किसी भी क्षेत्र में अस्वभावतः अच्छा निष्पादन करते हैं ।

(b) सामान्यतः शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं और सामाजिक अंतः क्रिया में अच्छे नहीं होते 

(c) सामान्यतः अपने शिक्षकों को पसंद नहीं करते

(d) बिना किसी सहायता के अपने सामर्थ्य का पूर्ण विकास न करते हैं 

 Ans : (d) प्रतिभाशाली बच्चे वे होते हैं जिनकी बौद्धिक क्षमताएँ सामान्य बालकों की अपेक्षा अधिक होती है। ऐसे बच्चे बिना किसी सहायता के अपने सामर्थ्य का पूर्ण विकास कर सकते हैं। किन्तु हाँ उन्हें समय-समय पर निर्देशन की आवश्यकता अवश्यक होती है।

 

27. प्रतिभाशाली बच्चों के लिए सबसे अच्छे शैक्षिक कार्यक्रम वे होते हैं जो

(a) प्रत्यास्मरण के द्वारा ज्ञान की प्रवीणता पर बल देते हैं।

(b) उन्हें अधिगम के न्यूनतम मानकों तक कम करने को प्रेरित करने के लिए उपहारों और पुरस्कारों का उपयोग करते हैं।

(c) उनके चिंतन को प्रेरित कर उन्हें विविध विचारों में व्यस्त रहने के अवसर देते हैं।

(d) उनके आक्रामक व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।

Ans : (c) हैविगहर्ट ने अपनी पुस्तक A survey of the Education of gifted children में लिखा है- “प्रतिभाशाली बालकों के लिए शिक्षा का सफल कार्यक्रम वही हो सकता है, |जिसका उद्देश्य उनकी विभिन्न योग्यताओं का विकास करना हो।’ इसलिए प्रतिभाशाली बच्चों के लिए सबसे अच्छे शैक्षिक कार्यक्रम वे होते हैं जो उनके चिंतन को प्रेरित कर उन्हें विविध विचारों में व्यस्त रहने के अवसर देते हैं।

 

28. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता प्रतिभावान शिक्षार्थी की है?

(a) यदि कक्षा की गतिविधियाँ अधिक चुनौतीपूर्ण नहीं होती हैं, तो वह कम प्रेरित अनुभव करता है और ऊब जाता है।

(b) वह बहुत ही तुनकमिजाज होता है।

(c) वह रस्मी व्यवहार करता है जैसे हाथ थपथपाना डोलना आदि। ‘ 

(d) वह आक्रामक और कुण्डित हो जाता है।

 

Ans : (a) ऐसे बालक जिनकी बुद्धिलब्धि 130 से अधिक होती है| उन बालकों को प्रतिभावान बालक की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे बालकों के लिए यदि कक्षा की गतिविधियाँ अधिक चुनौतीपूर्ण नहीं होती है तो वे कम प्रेरित अनुभव करते हैं और ऊब जाते हैं। अतः ऐसे बालकों के लिए ‘विशिष्ट कक्षा-विशिष्ट पाठ्क्रम अधिगमन’ शिक्षा की एक महत्त्वपूर्ण विधि है जो उनकी योग्यता का अधिक से अधिक विकास कर सकता है। 

 

29. सृजनात्मक बालक में निम्न में से कौन-सा गुण नहीं पाया  जाता है? 

(a) खोजपूर्ण प्रवृत्ति

(b) अच्छी अन्तर्दृष्टि

(c) क्रियाशीलता 

(d) सीमित रुचियाँ

 Ans: (d) सृजनात्मकता किसी नवीन विचारों तथा नये वस्तुओं के | प्रतिपादन से सम्बंधित होता है। सृजनात्मक बालक नवाचारी होते है। इस प्रकार के बालकों में खोजपूर्ण प्रवृति, क्रियाशीलता तथा अच्छी अर्न्तदृष्टि पायी जाती है जिससे वे समस्या के लिए किसी नवीन मार्ग की.खोज करता है। सृजनात्मक बालकों की रुचियां असीमित होती है।
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30. पृथक कक्षाओं एवं संवर्धन कार्यक्रमों का प्रयोग शिक्षा के लिये किया जाता है

(a) प्रतिभाशाली बालकों के लिये

(b) निम्न शैक्षिक उपलब्धि वाले बालकों के लिये

(c) प्रतिभाशाली एवं निम्न शैक्षिक उपलब्धि वाले बालकों के लिये  

 (d) इनमें से कोई नहीं।

Ans: (a) पृथक कक्षाओं तथा संवर्धन कार्यक्रमों का प्रयोग प्रतिभाशाली बालकों के शिक्षा के लिए किया जाता है क्योंकि प्रतिभाशाली बालक सामान्य कक्षाओं में खुद को कुंठित महसूस करते है। अतः उसके लिए | पृथक कक्षा का निर्धारण किया जाता है। 

 



 

मूल्यांकन की परिभाषाएं -Assessment Definitions

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