Wednesday, 16 October, 2019

बजट 2019-2020

बजट 2019-2020

 




बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इन आठ महत्वाकांक्षी योजनाओं से देश की तस्वीर बदलने की तैयारी है। एक ओर जहां उज्जवला और सौभाग्य योजना के तहत 2022 तक हर घर को गैस और बिजली का कनेक्शन दिये जाने का वादा किया गया है। वहीं 2024 तक ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल किए जाने का लक्ष्य रक्षा गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अगले चरण में हर गांवव में ठोस कचरा प्रबंधन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 2 अक्तूबर 2019 तक भारत को खुल में शौच से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया है।

उज्जवला और सौभाग्य योजना :

2022 तक स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में सभी को स्वच्छ रसोई और बिजली मिलेगी
7 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिया गया है अब तक योजना के तहत
100 फीसदी परिवारों को बिजली प्रदान की गई है सभी गांव और देशभर में लगभग

प्रधानमंत्री आवास योजना-

ग्रामीण 2022 तक सभी के लिए आवास के उद्देश्य को हासिल करना है लक्ष्य
1.54 करोड़ कुल ग्रामीण घर बनाए गए हैं पिछले पांच वर्षों में
1.95 करोड़ आवास मुहैया कराने का प्रस्ताव है 2019-20 से 2021-22 तक योजना के दूसरे चरण में
इन आवासों में शौचालय, बिजली और एलपीजी कनेक्शन जैसी सुविधाएं भी होंगी

प्रधानमंत्री आवास योजना-

 

 

शहरी 81 लाख से अधिक आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है 4.83 लाख करोड़ के निवेश से
47 लाख आवासों को निर्माण कार्य शुरू हो गया है इनमें से
26 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है
24 लाख आवास इसमें से लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं
इन आवासों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर नई प्रौद्योगिकियों को अपनाया गया है
13 लाख से अधिक आवास का निर्माण कराया जा चुका है नई प्रौद्योगिकियों से
आवासों को बनाने हेतु दिनों की औसत संख्या 2015-16 में 314 दिन से घटाकर 2017-18 में 114 दिन कर दी गई है

स्वच्छ भारत अभियान

2 अक्तूबर 2019 तक भारत को खुल में शौच से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया है
9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया है 2 अक्तूबर 2014 से अब तक
5.6 लाख से अधिक गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाया गया है
95 फीसदी से अधिक शहरों को भी खुले में शौच से मुक्त बनाया गया है
1700 शहरों के 45 हजार से ज्यादा सरकारी और सामुदायिक शौचालय गूगल मैप पर अपलोड हुए हैं
53 फीसदी से अधिक शहरी जनसंख्या को यह कवर करते हैं भारत की
प्रत्येक गांव में सतत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन चलाने के लिए योजना का विस्तार किया जाएगा

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान
02 करोड़ से अधिक ग्रामीणों को डिजीटली रूप से साक्षर बनाया गया है
ग्रामीण और शहरों में भेद खत्म करने के लिए भारत नेट के तहत पंचायत और स्थानीय निकायों को इंटरनेट
पीपीपी प्रबंध के तहत वैश्वि दायित्व निधि का भारत नेट को गति प्रदान करने में उपयोग किया जाएगा
3,33,195 किलोमीटर आप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी थी भारतनेट के तहत 30 मई 2019 तक
1,28,118 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा चुका है इसके जरिये अब तक

भारत में जल सुरक्षा

नया जल शक्ति मंत्रालय समग्र रूप से हमारे जल संसाधनों और जल आपूर्ति की देखरेख करेगा
2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को हर घर जल के लक्ष्य को जल जीवन मिशन के तहत पूरा किया जाएगा
स्थानीय स्तर पर जल की मांग और आपूर्ति पर आधारित प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा
256 जिलों के 1592 खंडों की पहचान की गई है जलशक्ति अभियान के लिए

स्टैंड-अप इंडिया

सरकार ने समाज के वंचित वर्ग के लोगों को उद्यमी बनाने के मकसद शुरू किए गए स्टैंडअप इंडिया अभियान को 2025 तक जारी रखने की घोषणा की है
योजना से देश में महिलाओं और एससी तथा एसटी वर्ग में से हजारों उद्यमी उभरकर सामने आए हैं
इनमें से अधिकांश लोगों को कारोबार और उद्योग खड़ा करने के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत पूंजी दी गई थी

2.7 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था
पांच साल पहले भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 1.850 लाख करोड़ डॉलर था, जो अब 2.7 लाख करोड़ डॉलर हो चुका है।

महंगाई दर बड़ी बाधा

महंगाई दर लक्ष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा है। महंगाई दर बढ़ने का का अर्थ है कि वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे। महंगाई दर में बढ़ोतरी के साथ रुपये की क्रय शक्ति घटेगी, जिससे खपत घटेगी और जीडीपी ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जिससे लक्ष्य अपनी राह से भटक सकता है।

 

कई बदलाव होंगे

आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात पर फोकस किया गया है कि देश को अगले पांच साल में 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए उन सेक्टर्स का चयन कर लिया गया है, जिनमें संसाधन झोंके जाएंगे, नीतियों और कानूनों में बदलाव किए जाएंगे और मौजूदा नियमों में संशोधन किए जाएंगे।

100 लाख करोड़ होंगे निवेश

प्रधानमंत्री ने लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में ही रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की भी बात कही है।

 

 

महिला शक्ति

महिला स्वयं सहायता समूह को 5 हजार तक ओवरड्राफ और मुद्रा योजना के तहत एक लाख रूपये कर्ज माफ।

 

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के लिए 62,398 करोड़ रूपये दिए गये आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के लिए 6400 करोड़ रुपये दिए गये।

♦ रियल एस्टेट सेक्टर को रफ्तार मिलने की उम्मीद।

♦ ईटीएफ में निवेश पर 1.50 लाख की छूट।

♦ 2022 तक बनेगें 1.95 करोड़ मकान।

♦ 75000 करोड़ प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए।

♦ 1,51,518 करोड़ कृषि क्षेत्र के लिए आवंटित।

 

 

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