Sunday, 15 December, 2019

चंद्रयान – 2

 चंद्रयान – 2

 

 

चंद्रयान मिशन – 2 कब लांच किया गया – 22 जुलाई 2019 समय :- 2 बजकर 43 मिनट

(पहले 15 जुलाई 2019 को लांच किया जाना था पर बाद में तिथि बदल दी गयी)

 

चन्द्रयान मिशन – 2 को कहां से लांच किया गया – सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र

 

चन्द्रयान मिशन – 2 को किसने लांच किया – ISRO

 

 

 

चन्द्रयान मिशन – 2 को किस रॉकेट की मदद से लांच किया गया – GSLVMk – 3

 

चन्द्रयान मिशन – 1 को किस रॉकेट की मदद से लांच किया गया था   –   PSLVC – 11

 

चन्द्रयान मिशन – 2 के कितने हिस्से हैं – 3 (ऑबिटर, रोवर, लैडर)

 

ऑबिटर साल भर चन्द्रमा की कक्षा में चक्कर लगाएगा, रोवर को लैडर के अंदर फिट किया गया है जब रोवर, लैडर की मदद से चन्द्रमा की सतह कर लैंड करेगा , तो रोवर, लैडर से अलग हो जाएगा। रोवर 14 दिन तक चन्द्रमा की सतह पर रहेगा वहां पर उपस्थित चट्टानों ,मिट्टी आदि का विश्लेषण करेगा सभी डाटा को ऑबिटर के पास भेजेगा ।

 

 

 

चन्द्रयान मिशन – 2 लैडर का नाम रखा गया है – विक्रम

 

चन्द्रयान मिशन – 2 का रोवर चन्द्रमा के किस हिस्से पर उतरेगा – दक्षिणी ध्रुव

 

भारत चन्द्रमा की सतह पर सफलता पूर्वक चन्द्रयान उतारने वाला देश बना – चौथा (रूस, अमेरिका, चाइना)

 

चन्द्रमा के दक्षिणीध्रुव पर चन्द्रयान उतारने वाला भारत का स्थान – प्रथम

 

चन्द्रयान मिशन – 2 के डारेक्टर बनाए गये – एम वनीता, रितु करिधल

 

चन्द्रयान मिशन – 2 का बजन हैं – 3.8 टन (3877 kg)

 

GSLVMk – 3 रॉकेट का बजन हैं – 640 टन

 

GSLVMk – 3 का अन्य नाम है – वाहुवली

 

 

 

 

चन्द्रयान मिशन – 2 का उद्देश्य हैं – जल की उपलब्धता का पता लगाना, चट्टानों में खनिज की जांच, चन्द्रमा की ऊपरी सतह की जांच

 

वर्तमान में ISRO के अध्यक्ष हैं – के सिवान

 

ISRO का मुख्यालय हैं – बेंगलुरू (कर्नाटक)

 

सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र हैं – आन्ध्र प्रदेश

 

भारत ने चन्द्रयान मिशन – 1 कब लांच किया – 22 अक्टूबर 2008

 

चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की अपेक्षा कितना गुना है – 1/6 गुना

 

पृथ्वी – चन्द्रमा की औसत दूरी – 384400 km

 

चीन ने चन्द्रयान मिशन चांग E -4 कब लांच किया था – दिसम्बर 2018

 

हाल में ही किस देश का चन्द्रयान मिशन असफल रहा – इज़राइल

 

ISRO के मुताबिक 20 अगस्त  तक चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचेगा। जबकि, 7 सितंबर को रोवर प्रज्ञान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

 

GSLVMk – 3  –  Geosynchronous Satellite Launch Vehicle mark 3  (भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान संस्करण 3) जिसे लॉन्च वाहन मार्क 3 (LVM 3) भी कहा जाता है

 

PSLVC – 11 –   Polar Satellite Launch Vehicle (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान)

 

 

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